Sunday, November 30, 2008

आतंकियों डरो मत महेश भट्ट और इंडिया टीवी हैं ना

भारत के महान मानवाधिकारवादी, अल्‍पसंख्‍यकों के मसीहा, पाकिस्‍तान-भारत मैत्री और सदभाव के स्‍वयंभू ठेकेदार, सेक्‍युलरिज्‍म नामक धर्म के पैगंबर, हिंदी फिल्‍म इंडस्‍ट्री के इकलौते प्रवक्‍ता, सिनेमा के पर्दे पर अश्‍लीलता और नीचता की नई इबारतें रचने वाले महान फिल्‍मकार जिनके एहसानों तले भारत ही नहीं पाकिस्‍तान की जनता भी दबी हुई है इस बार फिर से मीडिया की सुर्खियां बनने की जुगत में कामयाब हो गए...वैसे इस काम में और शायद इसी काम में उनको महारथ हासिल है.

इस बार वे बचाव में उतरे हैं देश के ही एक महान मीडिया चैनल इंडिया टीवी के..जिसके बारे में कुछ भी कहना स्‍वयं राम के सामने उनके चरित्र का गुणगान करना होगा......भारत के ही एक और महान सपूत श्री श्री 1008 सननानानंद रजत शर्माजी जो कि इंडिया टीवी चैनल चलाते हैं और उनका दावा है कि ये एक न्‍यूज चैनल है.....चलिए मान लिया. तो हमारे महेश भट्टजी जिन्‍होंने पूरी फिल्‍म इंडस्‍ट्री, सेक्‍युलरिस्‍ट जमात की तरफ से बाइट देने का ठेका लिया हुआ है इस बार इंडिया टीवी के बचाव में उतरे हैं.....वाकया कुछ यों है कि कुछ हमारे पाकिस्‍तानी भाई(महेश भट्ट साहब ऐसे ही बोलते हैं) ताज होटल में आए हुए थे ये बात अलग है कि उनकी नादानी से कुछ लोगों की जानें चली गईं....पर हमारा तो फर्ज बनता है न कि उनकी भी बात सुनी जाए उनका भी पक्ष देखा जाए...आखिर मानवता भी कोई चीज है....सो हमारे चपड़गंजू रजत शर्माजी का चैनल इसी स्पिरिट को दर्शाने के लिए उनकी बातचीत दिखाता रहा....भई क्रेडिट भी तो लेना था कि देशवासियों तुम भले इस चैनल की छीछालेदर करते रहो पर हमारे आतंकी भाई भी यही चैनल देखते हैं और इसी से बातें करते हैं ....तुम भले ही हमपर थू-थू करो....सो खूब बातचीत हुई आतंकियों से...सर्टिफिकेट मिल गया कि सबसे भरोसेमंद चैनल यही है भले देशवासियों के लिए न सही आतंकियों के लिए ही सही

अब समस्‍या यह है कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने चैनल वालों को नोटिस पकड़ा दिया है कि आतंकियों से बातचीत क्‍यों की गई और उनकी जायज-नाजायज मांगें जो भी होतीं उनके लिए एक प्‍लेटफार्म क्‍यों उपलब्‍ध कराया गया..... इस पर हमारे महेश भट्ट साहब को कड़ा एतराज है. उनका कहना है कि चरमपंथियों को प्‍लेटफार्म देने में कोई बुराई नहीं है और ना ही ये गुनाह है...दावा तो उनका यहां तक है कि इंडिया टीवी ने जिम्‍मेदार पत्रकारिता की है....कैसी बात कर रहे हैं भट्ट साहब ? तो क्‍या अब तक इंडिया टीवी गैरजिम्‍मेदार पत्रकारिता कर रहा था ? पत्रकारिता का तो पट्टा ही इन्‍होंने लिखाया हुआ है साहब. ये जो भी करें वही प‍त्रकारिता है...रोज ही पत्रकारिता की नयी परिभाषायें गढ़ी जाती हैं यहां....आखिर आप जैसे मंजे हुए बतोलेबाजों के लिए भी तो एक यही प्‍लेटफार्म तो मुफीद है

खैर मुद्दे पर आते हैं भट्ट साहब आतंकियों को प्‍लेटफार्म देने उन्‍हें अपनी बात कहने की छूट देने की वकालत कर रहे हैं...मेरे ख्‍याल में भारत सरकार को इंडिया टीवी और महेश भट्ट की अगुवाई में एक समिति बना देनी चाहिए....जिन्‍हें आतंकियों की भावी योजनाओं और उनके बारे में जानकारी प्रसारित करने का ठेका मिलना चाहिए...आतंकियों से बात कब, कैसे और कहां करनी है इसका इंतजाम भट्ट साहब खुद कर लेंगे आखिर हर हफ्ते उनकी पाकिस्‍तान सैर जो होती है...एक तरह से वह उनका दूसरा घर ही है....जितना प्‍यार उन्‍हें पाकिस्‍तान से है उतना प्‍यार तो उन्‍हें अपनी फिल्‍मों की हीरोइनों पर भी नहीं आता होगा...वैसे भी आजकल ये डिपार्टमेंट उनका भांजा इमरान देखता है....तो ऐसा हो कि हर हफ्ते भट्ट साहब जब भी पाकिस्‍तान जाएं वहां से आतंकियों से उनके भावी कारनामों की जानकारी लेकर लौटें और साथ में उनकी बाइट भी.......फिर इंडिया टीवी वाले जोर शोर से दिखाएं कि हमारे पास है आतंकियों की योजना का एक्‍सक्‍लूसिव.....इधर जनता उसे सोप ओपेरा की तरह टीवी पर देखे उधर गृहमंत्रालय कहे कि हमारे पास ऐसी कोई जानकारी नहीं है....होगी भी कैसे इंडिया टीवी के पास सब कुछ एक्‍सक्‍लूसिव है....दो-चार दिन बाद जब सोनिया मैडम पीएम की चापलूसी से थक जाएं तो कहें जाओ जाकर देखो क्‍या हो रहा है और तब उन्‍हें खयाल आए कि 10 जनपथ के बाहर भी एक दुनिया है और आनन-फानन में वे भावी घटनास्‍थल वाली जगह पर हाईअलर्ट कर दें और कहें कि हम आतंकियों के मंसूबों को सफल नहीं होने देंगे.....और इसके बाद आतंकी आराम से किसी दूसरे शहर में अपने कारनामों को अंजाम देकर निकल जाएं.....है ना एकदम फुलप्रूफ प्‍लान.....आतंकियों अब तो आप भट्ट साहब की शरण में चले ही जाईये