Tuesday, May 03, 2011

मुल्‍ला दिग्विजय अब ओसामा पर चादर कैसे चढ़ाएंगे ?


दुनिया भर में भले जश्‍न हो रहे हों पर दूसरी तरफ ओसामा बिन लादेन के मारे जाने के बाद उनके समर्थकों में शोक की लहर व्‍याप्‍त है...

हिंदुस्‍तान में उनके सबसे बड़े समर्थक और कांग्रेस पार्टी के महासचिव और सबसे बढ़कर हिंदुस्‍तान के भावी युवराज के खासमखास दिग्‍गी ओसामा को ओसामा संबोधित करने-भर से खफा हैं, उनका कहना है कि उनके प्‍यारे 'ओसामाजी' के साथ अमेरिका ने अच्‍छा नहीं किया और नाहक ही उसे मारकर पानी में डुबो दिया....वैसे भी उनके अनुसार ये तय करने का हक अम‍ेरिका या किसी को नहीं है कि ओसामा दुनिया का एक खूंखार आतंकवादी था....हो सकता है ये हिंदूवादी ताकतों का दुष्‍प्रचार हो सकता है कि अमेरिका पर हमले में 'ओसामाजी' का हाथ था....हां उसके बदले में यदि अमेरिका भगवा आतंकवाद से निपटने का कोई काम करता तो कम से कम इस दुनिया को सुरक्षित और आतंकरहित बनाने की दिशा में कुछ हो सकता था...पर हाय रे सीआईए इसको ये भी नजर नहीं आता कि असली आतंकी कहां छुपे बैठे हैं...

दिग्विजय, जो कि एक बहुत छोटी-सी जगह का एक छुटभैया नेता हुआ करता था और जो मध्‍यप्रदेश के दुर्भाग्‍य से उसका दो बार मुख्‍यमंत्री रह चुका है अब कांग्रेस पार्टी की अल्‍पसंख्‍यक पॉलिटिक्‍स का अगुवा बनने तुला हुआ है, बिहार को पंद्रह-साल में आदिम-युग में पहुंचा देने वाले लालू को वहां की जनता फिर भी स्‍वीकार कर सकती है...परंतु यदि आगामी विधानसभी चुनाव में दिग्‍गी प्रदेश में वापस आ गया तो 10 साल में मध्‍यप्रदेश को पूरी तरह बर्बाद कर देने वाले दिग्‍गी से नाराज यहां की जनता तीसरी बार भी शिवराज सिंह को ही मुख्‍यमंत्री बनायेगी....लोग कहते हैं कि अपशब्‍दों का प्रयोग करना हो, किसी को बुरा-भला कहना हो, किसी भद्र व्‍यक्ति पर लांछन लगाना हो तो इटैलियन मैडम इसी को आगे कर देती है....लोग नाहक की बदनाम करते हैं मैडम को कि उन्‍हीं की शह पर उनका ये सिपाही आग उगलता है....पर त्‍याग की जीवंत मूर्ति और हिंदुस्‍तान के भावी युवराज की मां, इस हिसाब से तो उन्‍हें राजमाता का संबोधन भी मिलना चाहिए, को इस प्रकार से लांछित करने वाले लोग और खासकर हिंदू लोग ये भूल जाते हैं कि उन्‍हीं की वजह से मैडम की सरकार की कितनी किरकिरी होती है और देश को आतंकवाद का दंश झेलना पड़ता है और उनकी सरकार को बुरा-भला कहा जाता है....

पर भला हो दिग्विजय का जिनके कारण हमको आंखें खोलने की वजह मिलती है कि मुंबई हमलों में मारे गए पुलिस अधिकारियों को बेचारे और मासूम कसाब ने नहीं मारा था...हालांकि अभी वे खोजबीन में जुटे हैं शायद आगे इस तरह के तथ्‍य भी सामने आएं कि कसाब का असली नाम केशव है और वो मासूम तो गलती से आतंकवाद और बम बनाने की ट्रेनिंग देने वाले हिंदू संगठनों से जुड़ गया वरना असल में वो तो एक मोहरा है जिसे जबरदस्‍ती बंदूक पकड़ा दी गई थी...और पूरी कार्यवाही को हिंदूस्‍तान में ही कहीं बैठे उसके आका लाइव देख रहे थे...

फिलहाल तो दिग्विजय सोच रहे होंगे कि पाकिस्‍तान में न सही भारत में ही सही....उनके प्‍यारे ओसामाजी की कोई मजार होती तो शायद वे उसके उर्स में चादर चढ़ाकर करके अपनी धार्मिक प्रतिबद्धताओं को तो निभा पाते.....एक बेचारे धार्मिक व्‍यक्ति को इस भगवा देश में ये भी नसीब नहीं...

4 comments:

Suresh Chiplunkar said...

अरे??? आज क्या हो गया है भुवनेश भाई आपको?

दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi said...

दिग्विजय मामूली प्यादा है, क्यों उसे भाव दे रहे हो।

Yugal Mehra said...

भुवनेश जी, यह दो बार प्रधानमंत्री नहीं मुख्यमंत्री रह चुका है
इसको भी एक बार पवनहंस हेलिकोप्टर की यात्रा करनी चाहिए

G.N.SHAW said...

बहुत ही सुन्दर लिखा है आप ने ! भगवान भला करें इस दिग्गी का !