Sunday, May 01, 2011

Will Julion Assange name Moneymohan again? क्‍या स्विस बैंक खुलासों में मनमोहन का नाम आयेगा ?

जूलियन असांजे महोदय ने घोषणा की है कि वे जल्‍द ही स्विसबैंक खाताधारी भारतीयों का नाम उजागर करने वाले हैं...विगत समय में उन्‍होंने मनमोहन सिंह पर तीखे हमले किये हैं और आगे भी कर सकते हैं...
परंतु जब उन्‍होंने घोषणा कर ही दी है तो क्‍या वे मनमोहन सिंह का नाम भी लेंगे...मैं इस बारे में अनुमान लगाता हूं तो लगता है कि मनमोहन अवश्‍य ही उस लिस्‍ट में नहीं होंगे...पर शायद उनकी सरकार में शामिल अन्‍य लोग जरूर मेरिट में होंगे......जिनमें से एक उस शख्‍स का नाम लिया जा रहा है जिन पर अन्‍ना ने अपना गुस्‍सा निकाला था...इस बारे मे जरूर संशय लगता है कि जूलियन ऐसा खुलासा करेंगे या नहीं

हालांकि लोग भी मनमोहन को मनीमोहन और भ्रष्‍टों का सरदार कहने से नहीं चूक रहे हैं....और सीबीआई का बड़े नामों पर शिकंजा कसना भी उनके लिए राहत की बात साबित नहीं हो रही है...

जूलियन महोदय ने बताया था कि स्विस बैंक में खाता खोलने के लिए 10 लाख डॉलर की जरूरत होती है यानी लगभग साढ़े चार करोड़ रुपये....वैसे देखा जाए तो ये एक बहुत बड़ी रकम है...पर दूसरी तरफ एक वर्ग के लिए ये एक काफी छोटी रकम है...कम से कम भारतीय लोकतंत्र के मंदिर संसद में बैठने वालों के लिए तो...और यदि ये लोग चाहें तो मिलकर स्विस बैंक एसोसिएशन से भी धनी एसोसिएशन का गठन कर सकते हैं...

अभी थोड़ी देर पहले ही इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा AIEEE का पर्चा लीक हुआ है....पुदुच्‍चेरी के उपराज्‍यपाल पद पर बैठे व्‍यक्तियों से पूछताछ हो रही है...इधर मीडिया भ्रष्‍टाचार के खिलाफ शंखनाद पर मीडिया का आक्रामक रुख कायम है जबकि बहुत से मीडिया हाउसेस में लगा पैसा कहां से आ रहा है इसकी तह में भी जाना जरूरी जान पड़ता है....

जूलियन असांजे किसी का नाम लें या ना लें...काला धन स्विस बैंक जाये या इटली या कहीं और...फिलहाल तो बस धूमिल की यही पंक्तियां याद आ रही हैं-

हर तरफ धुआं है
हर तरफ कुहासा है......

2 comments:

प्रवीण पाण्डेय said...

स्विस बैंक का धुंध शीघ्र हटे।

Suresh Chiplunkar said...

:)
यह धुंध हटाने के लिये बहुत बड़ा पंखा चाहिये… :) :)