Wednesday, September 17, 2008

मोनिका बेदीजी हम आपको नमन करते हैं

आजकल छोटे पर्दे पर एक चैनल पर बिग बॉस का प्रसारण हो रहा है पर हल्‍ला हर चैनल पर मचा हुआ है। कुछेक चैनल जिनका काम बस सेलेब्रिटी गॉसिप जैसे महत्‍वपूर्ण राष्‍ट्रीय विषयों को दिखाने का है उनके अलावा हमारे लोकतंत्र के चौथे स्‍तंभ का पट्टा भी जिन्‍होंने लिखाया हुआ है वे सब मिलकर बिग बॉस के घर मे बंद लोगों की बातें, उनके झगड़े, उनके फैशन, उनके अफेयर जैसी बातों को चटखारा ले-लेकर दिन-रात दिखाने में लगे हैं। ऐसा दिखाया जा रहा है मानो इस समय देश में एक बहुत ही महान राष्‍ट्रीय उत्‍सव चल रहा है जिसके बारे में मीडिया वालों का दायित्‍व बनता है कि उसकी पल-पल की अपडेट जनता तक पहुंचाए।
शिल्‍पा शेट्टी जिन्‍होंने विदेश में जाकर भारत की महानता का परचम लहराया जिससे कि स्‍वामी विवेकानंद तक की उपलब्धियां हमें छोटी लगने लगती हैं, इस शो को होस्‍ट कर रही हैं। आखिर बिग ब्रदर के घर में अपनी ऐसी-तैसी कराकर और कुछ टसुए बहाकर इस बिल्‍ली के भागों ऐसा छींका फूटा कि वो अब तक साथ निभा रहा है। पर धन्‍य है भारतीय परंपरा जो हर विदेशी चीज को ऐसे अपनाती है जिससे ब्रिटेनवासियों को अब तक गर्व होता होगा कि हम भले अब उनके शासक नहीं पर दिल से वे खुद को हमारा गुलाम ही मानते हैं तभी तो जेड गुडी जिसके बारे में ना जाने बिग ब्रदर के समय क्‍या-क्‍या लिखा गया था, जब भारत में आती है तो पूरा मीडिया उसके सामने ऐसे बिछ जाता है जैसे स्‍वयं महारानी एलिजाबेथ अपनी रियाया को दर्शन देकर धन्‍य करने निकली हों।
रियेलिटी शोज में कितनी रियेलिटी होती है यह किसी से छिपा नहीं है। कुछ झगड़ालू और विवादास्‍पद छवि के लोगों को इकट्ठा कर एक घर में बंद कर दो और फिर चटखारे ले-लेकर उनकी गंदी हरकतों को दिखा-दिखाकर टीआरपी बटोरो। कहने की जरूरत नहीं कि ऐसे शोज में सभी कुछ पहले से फिक्‍स होता है।
सो इस बार बिग ब्रदर के घर में ऐसे सेलेब्रिटी (मीडिया ऐसा मानता है जनता नहीं ) बुलाये गये जिनकी महानता का वर्णन सूरज को दिया दिखाने जैसा होगा। इनमें हैं राहुल महाजन, मोनिका बेदी जैसी राष्‍ट्रीय हस्तियां, ऐसी पुण्‍यात्‍माएं जिनके पुण्‍यकर्मों का लेखा-जोखा खोलने की यहां जरूरत नहीं वैसे भी कहा जाता है कि प्रतिभा किसी तारीफ की मोहताज नहीं होती सो इन जैसे प्रतिभाशाली और महान विभूतियों को बिग बॉस के अन्‍य प्रतिभागियों से ज्‍यादा महत्‍व देना निहायत जरूरी है।
कुछ समय पहले शायद भारत-श्रीलंका क्रि‍केट सीरीज के ही दौरान बीच-बीच में बिग ब्रदर के विज्ञापन दिखाये जाते थे। जिनमें ये दोनों बड़ी मासूम सी सूरत बनाकर खुद को ही नैतिकता का सर्टिफिकेट देते दिखाई देते थे। मोनिका बेदीजी का कहना था कि उन्‍होंने इतने कष्‍ट सहे, इतनी मुश्किलें उनके सामने आईं फिर भी वे हिम्‍मत नहीं हारीं और डटकर खड़ी रहीं और जैसा कि किताबों में बच्‍चे पढ़ते हैं कि अंत में सच्‍चाई की जीत होती है कुछ वैसे ही उनको भी जीत मिली और जेल से बाहर अब वे आजाद हैं।
राहुल महाजन कहां पीछे रहने वाले थे। एक समय भारत के सबसे बड़े दलाल रहे व्‍यक्ति का यह सपूत भी चिल्‍ला-चिल्‍लाकर कह रहा था कि उसने भी जीवन में कुछ कम कष्‍ट नहीं सहे, उसको भी बुरा समय देखना पड़ा, उसने भी मुंबई की बसों में धक्‍के खाए। लग रहा था कि जनता उसे उसके सुकर्मों का सर्टिफिकेट दे ना दे, वह खुद इसमें सक्षम है और खुद को सर्टिफिकेट देने के लिए उसे किसी दूसरे की जरूरत नहीं है। हाय भगवान हमें भी ऐसे बुरे दिन दिखाए और फिर हजारों करोड़ के कालेधन का एकमात्र वारिस बनने के लिए कुछेक कष्‍ट सहने में कोई बुराई नहीं है।
कुल मिलाकर यह साबित करने की कोशिश की जा रही है कि उक्‍त दोनों ही लोग बेचारे इस गलत सिस्‍टम के मारे हैं। राहुल महाजन जैसे बेचारों को अदालतों के चक्‍कर काटने पड़ते हैं अरबपति होकर तो ये तो भाई सरासर जुलम है। हमारे पास इतना पैसा हो तो हम अदालत, पुलिस, सिस्‍टम सबको खरीद लें। पर बेचारे राहुल को कितना कष्‍ट भोगना पड़ा होगा इसकी तो बस कल्‍पना ही की जा सकती है। और मोनिका बेदीजी उनकी मासूमियत पर तो बस मर-मिटने को जी चाहता है। बेचारी कैसी रोनी सूरत बनाकर रोज कहती फिरती हैं कि वे अबू सलेम के बारे में कुछ नहीं जानतीं ना ही उससे उनका कोई संपर्क है। सही है जी एक आतंकवादी की रखैल होकर उन्‍हें इतनी फुर्सत ही कहां मिली होगी कि वे उसके बारे में कुछ जानें-समझें। फिर भी लोग अब तक शक करते हैं कि उनके अबू सलेम से संबंध हैं। कैसे इस देश के लोग एक बेचारी अबला के चरित्र पर कीचड़ उछालते हैं शर्म आनी चाहिए उन्‍हें और अब उन्‍हें जो फिल्‍मों के आफर मिल रहे हैं वे तो बस उनकी महान अभिनय प्रतिभा के कारण हैं।
मोनिकाजी आप वाकई में अब प्रेरणा का स्रोत बन चुकी हैं ऐसे देश में जहां अब भी पैसे तथा पहुंच होने के बावजूद सिस्‍टम को ना खरीद सकने वाले लोगों के लिए जो बेचारे अदालत के चक्‍कर काट-काटकर परेशान हैं और इस कारण उन्‍हें जो कष्‍ट भोगने पड़ रहे हैं उसका अंदाजा भी नहीं लगाया जा सकता। मोनिकाजी आप ही उन्‍हें कुछ मार्ग दिखाएं। आज के युग में आप ही उनकी तारणहार हैं। ऐसे प्रेरणादायी व्‍यक्तित्‍व को हमारा नमन।

8 comments:

सुशील कुमार छौक्कर said...

आजकल तो भाई "मीडिया" ही "बिग बास" बना हुआ है।

Gaurav Garg said...

वैसे भुवनेश सही तो लिखा है.... और मोनिका की बातों पर थोडा और ध्यान दें तो मोनिका जी निहायती शरीफ़ किस्म की मालूम होती हैं, फिर गलतियां तो सभी से होती हैं....
मोनिका कहती हैं, " उस समय जो मेरे साथ हुआ, मेरी जगह कोई और लड़की होती तो शायद वो भी यही करती. मुझे पता है कि सलेम ने मेरे साथ किस तरह धोखा किया."

"After all they were in love and Fortunately love became blind for 'Abu'."

हां पर उन्हें (मोनिका जी) और राहुल को एक ही स्तंभ में लिखना तो सरासर नाइंसाफ़ी है... उन्होनें किसी प्रश्न के उत्तर में कहा :-
" राहुल और मैं दोनों बहुत ही अलग हैं. राहुल मेरे टाइप का नहीं है"

देखिये मोनिका देवी जी कितनी महान हैं और Big Boss वाले भी उन पर जुलम ढा रहे हैं उन्हें साथ साथ रखकर ....

वाकई मित्र ये टिप्पणी लाजवाब है... उम्मीद है की अन्य लोगों की आंखे भी खुल जायें ।

जितेन्द़ भगत said...

आपने रि‍यलि‍टी शो की रि‍यलि‍टी से अच्‍छा वाकि‍फ कराया। अच्‍छी पोस्‍ट।

दिनेशराय द्विवेदी said...

यह भाषा ठीक है। यदि थोड़ा और विकसित हुई तो इस के पीछे एक व्यंगकार छुपा है।

फ़िरदौस ख़ान said...

अच्छा विषय है...

Gyandutt Pandey said...

कुछ लोग सिल्वर स्पून के साथ पैदा होते हैं। सिल्वर स्पून उनके साथ सदा रहता है। इस पोस्ट में आपने उसी तरह के लोगों की बात की है।
बड़े चमकदार हैं ये लोग - सिल्वर की तरह!

मुन्ना पांडेय(कुणाल) said...

बहुत खूब लिखा है आपने. साधुवाद

pandit visnugupta said...

monika bedi vernshankar hindu samaz ki ek esi kalikh hai jo agar gour se dekhe to hamare ganv tak bichhi hua hai.....dhikkar hai ese kayar hinduo par jo apani santano ko ese gun dete hai.............